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धर्म निज धर्म वश में परहित प्रकृति सेविका मानसम्मान मानवता खोजना सेव्य में मेवा भक्ति -भाव बेचैनज़मीरसुकून निसवार्थ सेवा निस्वार्थ मन सेवा बनेजिससेतकदीरदेशकीमैंऐसीखुद्दारीलिखतीहूँ। वृद्धजन माता पिता कर्महीपूजाहै गौमाता

Hindi सेवा -भाव Quotes